सिवनी। जिले में निजी स्कूलों द्वारा छात्रों और अभिभावकों को शिक्षण सामग्री किसी विशेष दुकान से खरीदने के लिए बाध्य करने की प्रथा पर रोक लगा दी गई है। मध्यप्रदेश निजी विद्यालय (फीस तथा संबंधित विषयों का विनियमन) नियम 2020 की कंडिका 6 के तहत स्पष्ट किया गया है कि स्कूल प्रबंधन किसी भी छात्र या अभिभावक को किताबें, यूनिफॉर्म, जूते, टाई या कॉपी आदि सामग्री किसी एक निर्धारित विक्रेता से खरीदने के लिए मजबूर नहीं कर सकता।
जिला शिक्षा अधिकारी ने जानकारी देते हुए बताया कि अभिभावक इन सामग्रियों को खुले बाजार से अपनी सुविधा और बजट के अनुसार खरीदने के लिए पूरी तरह स्वतंत्र हैं। इस संबंध में पहले भी स्कूल संचालकों और प्राचार्यों को निर्देश दिए जा चुके हैं, लेकिन छात्रहित को ध्यान में रखते हुए एक बार फिर सख्त निर्देश जारी किए गए हैं।
जारी निर्देशों के अनुसार सभी अशासकीय विद्यालयों को यह सुनिश्चित करना होगा कि शिक्षण सामग्री के नाम पर बाजार में किसी प्रकार का एकाधिकार न बने। साथ ही स्कूलों को उपयोग में आने वाली सामग्री और संबंधित विक्रेताओं की जानकारी अपने सूचना पटल पर प्रदर्शित करनी होगी और इसे विभागीय गूगल ड्राइव पर भी अनिवार्य रूप से अपलोड करना होगा।
निर्देशों के पालन की निगरानी के लिए जिला स्तर पर मॉनीटरिंग समिति का गठन किया गया है। यदि किसी स्कूल द्वारा नियमों की अनदेखी की जाती है, तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
जिला शिक्षा अधिकारी ने जिले के व्यापारियों से भी अपील की है कि वे विद्यार्थियों और अभिभावकों को उचित दरों पर सामग्री उपलब्ध कराएं, ताकि छात्रहित सुरक्षित रह सके।





