सिवनी। जिले में किसानों को उर्वरक वितरण में सुगमता प्रदान करने के उद्देश्य से “ई-विकास (वितरण एवं कृषि उर्वरक आपूर्ति समाधान)” प्रणाली 1 अप्रैल 2026 से पूर्णतः लागू कर दी गई है। यह व्यवस्था मध्यप्रदेश शासन के निर्देशानुसार एवं कलेक्टर श्रीमती शीतला पटले के मार्गदर्शन में लागू की गई है, जिसके माध्यम से अब शत-प्रतिशत पारदर्शी और व्यवस्थित उर्वरक वितरण सुनिश्चित किया जाएगा।
नई व्यवस्था के तहत किसान अब घर बैठे ई-टोकन बुक कर सकेंगे और निर्धारित दिनांक एवं समय पर संबंधित उर्वरक विक्रेता से उर्वरक प्राप्त कर सकेंगे। इससे वितरण केंद्रों पर लगने वाली लंबी कतारों और अव्यवस्था से किसानों को राहत मिलेगी।
ई-विकास प्रणाली की खास बात यह है कि इसमें वन पट्टाधारी, ठेका भूमि पर खेती करने वाले, मंदिर या ट्रस्ट की भूमि पर खेती करने वाले तथा नामांतरण लंबित होने की स्थिति में वारिसानों को भी टोकन बुकिंग की सुविधा दी गई है, जिससे अधिक से अधिक किसानों को लाभ मिल सके।
प्रणाली के तहत किसानों को आधार सत्यापन के बाद एग्रीस्टैक के माध्यम से अपनी भूमि एवं फसल का विवरण दर्ज करना होगा। इसके आधार पर पोर्टल वैज्ञानिक अनुशंसा के अनुसार उर्वरक की आवश्यकता का स्वतः आकलन करेगा। किसान उपलब्धता के अनुसार विक्रेता का चयन कर आसानी से टोकन बुक कर सकेंगे।
सहकारी समितियों के सक्रिय सदस्य किसानों को संबंधित समिति से ही ई-टोकन के माध्यम से उर्वरक मिलेगा, जबकि अन्य किसानों को निजी विक्रेताओं, मार्कफेड और एम.पी. एग्रो केंद्रों के जरिए उर्वरक उपलब्ध कराया जाएगा।
उपसंचालक कृषि द्वारा सभी उर्वरक विक्रेताओं को इस नई प्रणाली का प्रशिक्षण दिया जा चुका है और 1 अप्रैल 2026 से उर्वरकों का विक्रय केवल ई-विकास प्रणाली के माध्यम से करने के निर्देश दिए गए हैं। निर्देशों का उल्लंघन करने पर जिले के 36 उर्वरक विक्रेताओं को कारण बताओ नोटिस भी जारी किया गया है।
📢 किसानों से अपील
उपसंचालक किसान कल्याण एवं कृषि विकास विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे अपनी वास्तविक फसल के अनुसार ही ई-टोकन बुक करें। टोकन बुकिंग में किसी भी प्रकार की समस्या होने पर किसान कृषि विस्तार अधिकारी, पटवारी, पंचायत सचिव या रोजगार सहायक से संपर्क कर सकते हैं।





