जबलपुर: कांग्रेस नेता राजकुमार खुराना ने लोकसभा एवं विधानसभाओं में महिलाओं को 33% आरक्षण लागू करने की पहल का स्वागत किया है। उन्होंने इसे भारतीय लोकतंत्र को अधिक समावेशी, न्यायपूर्ण और सशक्त बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम बताया।
उन्होंने कहा कि महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी सुनिश्चित करना भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की मूल विचारधारा का हिस्सा रहा है। कांग्रेस ने हमेशा महिला सशक्तिकरण को प्राथमिकता दी है और इसी दूरदर्शी सोच के कारण देश में इसकी मजबूत नींव पहले ही रखी जा चुकी है।
खुराना ने पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की पहल का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने महिलाओं को राजनीतिक अधिकार दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण मार्ग प्रशस्त किया। साथ ही पी.वी. नरसिम्हा राव के नेतृत्व में 1993 में पंचायती राज एवं नगरीय निकायों में महिला आरक्षण लागू करना एक ऐतिहासिक निर्णय था, जिससे लाखों महिलाओं को नेतृत्व का अवसर मिला।
उन्होंने बताया कि आज देशभर में 14 लाख से अधिक महिला जनप्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी इस नीति की सफलता का प्रमाण है। कांग्रेस की सोच हमेशा यह रही है कि महिलाओं को केवल प्रतिनिधित्व ही नहीं, बल्कि नीति-निर्माण और निर्णय प्रक्रिया में समान भागीदारी मिले।
खुराना ने यह भी कहा कि प्रस्तावित विधेयक का उद्देश्य पूर्ण रूप से महिला सशक्तिकरण होना चाहिए और इसे किसी भी प्रकार से राजनीतिक लाभ या परिसीमन के माध्यम के रूप में उपयोग नहीं किया जाना चाहिए।
अंत में उन्होंने केंद्र सरकार से मांग की कि इस महत्वपूर्ण विधेयक को बिना किसी विलंब के निष्पक्ष और प्रभावी तरीके से लागू किया जाए, ताकि महिलाओं को उनका संवैधानिक अधिकार मिल सके और भारतीय लोकतंत्र और अधिक मजबूत बन सके।
🔑 Key Points (मुख्य बिंदु)
- लोकसभा एवं विधानसभाओं में महिलाओं को 33% आरक्षण लागू करने की पहल का स्वागत
- बयान कांग्रेस नेता राजकुमार खुराना द्वारा दिया गया
- इसे लोकतंत्र को अधिक समावेशी, न्यायपूर्ण और सशक्त बनाने वाला ऐतिहासिक कदम बताया गया


