सिवनी दिनांक 14 जुलाई...सिवनी जिले में मूंग खरीदी चालू हो चुकी हैं। इस बार मूंग बेचना सरल नहीं हैं, क्योंकि यदि आपके परिवार के किसी खातेदार की जमीन पर मूंग बोया हे तो वहीं व्यक्ति मूंग बेचने के लिए वैध माना जा रहा है। क्योंकि इस बार मूंग खरीदी में ओटीपी सिस्टम समाप्त कर दिया गया है, इसके स्थान पर अंगूठा लगाया जा रहा है। जिसके नाम से भूमि हे वहीं व्यक्ति मूंग बेच सकता हैं। नरेला केंद्र में आज यही देखने को मिला। बाप ने जब बेटे के नाम की जमीन पर बोई गई मूंग ले गया तो चार घंटे बाद बताया गया कि बेटे का अंगूठा लगेगा तभी बिल कटेगा। बेचारा किसान सिर पर हाथ फेरते रहा ओर उसने बाद में ओनेपोन दाम में मूंग बेचा। सरकार आखिर किसानों के साथ अत्याचार क्यों कर रही है, एक तो एक एकड़ में 80 किलो ही खरीद रही है ऊपर से ये नियम कि जिसकी जमीन उसी का अंगूठा। ये कैसी मनमानी है यदि एक परिवार में बाप बेटे के नाम से अलग अलग जमीन हो ओर बेटा किसी दूसरे शहर में जाप करता हो तो वो कैसे दो क्विंटल मूंग बेचने खरीदी केंद्र में आ पाएगा। जितने की मूंग नहीं होगी उससे ज्यादा उसको आने जाने में खर्च लग जाएगा।शासन या खरीदी केंद्रों को चाहिए था कि परिवार के किसी भी सदस्य का अंगूठा लगवाकर उसकी फसल की खरीदी करे। चाहे तो उसका आधार कार्ड भी एंट्री करले इस प्रकार से किसान की मूंग बेचने की कार्यवाही करना चाहिए था। आखिर ये क्या चल रहा है सरकार किसानों की विरोधी क्यों बन गई है ? किसानों ने जिला कलेक्टर और खरीदी विभाग से मांग की है कि इस मामले पर संज्ञान लेकर किसानों के हित में आवश्यक कदम उठाकर किसानों की मदद करने की कृपा करें।

