देशभर के नेशनल हाईवे पर यात्रा करने वाले वाहन चालकों के लिए 1 अप्रैल 2026 से बड़ा बदलाव लागू होने जा रहा है। नए वित्तीय वर्ष 2026-27 से सभी टोल प्लाजा पूरी तरह कैशलेस कर दिए जाएंगे। इसके बाद टोल पर नकद भुगतान की सुविधा समाप्त हो जाएगी।
भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण National Highways Authority of India (NHAI) ने इस संबंध में सभी टोल प्लाजा को दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं।
क्या होगा नया नियम?
NHAI के निर्देशानुसार 1 अप्रैल 2026 की मध्यरात्रि से:
- टोल प्लाजा पर नकद भुगतान पूरी तरह बंद कर दिया जाएगा
- केवल FASTag या UPI के माध्यम से ही टोल शुल्क लिया जाएगा
- सभी वाहन चालकों के लिए FASTag सक्रिय रखना अनिवार्य होगा
FASTag और UPI अनिवार्य
नई व्यवस्था के तहत यदि किसी वाहन का FASTag निष्क्रिय होता है या उसमें बैलेंस नहीं होता, तो वाहन चालक को टोल प्लाजा पर उपलब्ध QR/बारकोड स्कैन कर UPI के माध्यम से भुगतान करना होगा।
इसके लिए वाहन चालकों के पास स्मार्टफोन और UPI सुविधा होना आवश्यक होगा।
उद्देश्य क्या है?
इस नई व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य:
- डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देना
- टोल प्लाजा पर लंबी कतारों को कम करना
- समय की बचत और यातायात को सुगम बनाना
- पारदर्शिता सुनिश्चित करना
वाहन चालकों के लिए जरूरी सलाह
वाहन चालकों को सलाह दी गई है कि:
- यात्रा से पहले FASTag रिचार्ज कर लें
- FASTag सक्रिय रखें
- UPI भुगतान की सुविधा उपलब्ध रखें
अन्यथा टोल प्लाजा पर परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
स्थानीय जानकारी
जिले के फुलारा टोल प्लाजा के प्रबंधक होशियार सिंह यादव ने बताया कि National Highways Authority of India के निर्देशानुसार 1 अप्रैल से नकद भुगतान पूरी तरह बंद कर दिया जाएगा और केवल FASTag या UPI से ही टोल शुल्क लिया जाएगा।
निष्कर्ष
1 अप्रैल 2026 से लागू होने वाला यह नियम देश में डिजिटल इंडिया अभियान को और मजबूत करेगा तथा हाईवे पर सफर को अधिक तेज और सुविधाजनक बनाएगा।





