मध्य प्रदेश के सिवनी शहर में इन दिनों डेयरी व्यवसाय तेजी से बढ़ रहा है। शहर के विभिन्न मोहल्लों में लोग छोटे स्तर पर गाय और भैंस पालकर दूध बेचने का कार्य कर रहे हैं, जिससे उन्हें रोज़गार भी मिल रहा है और स्थानीय स्तर पर दूध की उपलब्धता भी बनी हुई है।
हालांकि, इस व्यवसाय के साथ एक बड़ी समस्या भी सामने आ रही है। कई डेयरी संचालक अपने पशुओं का गोबर और अन्य कचरा घरों के आसपास ही फेंक देते हैं, जिससे आसपास रहने वाले लोगों को गंदगी और दुर्गंध का सामना करना पड़ रहा है। इससे न केवल मोहल्लों की स्वच्छता प्रभावित हो रही है, बल्कि शहर की समग्र साफ-सफाई व्यवस्था भी बिगड़ती जा रही है।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि उन्हें किसी के रोजगार से कोई आपत्ति नहीं है, क्योंकि दूध सभी की जरूरत है। लेकिन कचरे के अव्यवस्थित निपटान से उनकी दैनिक जिंदगी प्रभावित हो रही है।
नागरिकों ने नगरपालिका और जिला प्रशासन से मांग की है कि डेयरी व्यवसाय के लिए शहर से बाहर या निर्धारित क्षेत्र में अलग जगह आवंटित की जाए। यदि प्रशासन डेयरी संचालकों को उचित भूमि उपलब्ध कराकर व्यवस्थित रूप से इस व्यवसाय को बढ़ावा देता है, तो यह सैकड़ों लोगों के लिए रोजगार का बड़ा साधन बन सकता है।
इसके साथ ही, यदि नगरपालिका अन्य व्यवसायों के लिए भी योजनाबद्ध तरीके से अलग-अलग मार्केट विकसित करती है, तो इससे शहर के विकास को नई दिशा मिलेगी। ऐसा कदम शहर की सुंदरता और स्वच्छता को भी बढ़ाएगा, जो आधुनिक विकास के लिए बेहद आवश्यक है।


