सिवनी। नई शिक्षा नीति 2020 के तहत देशभर में बाल वाटिका कक्षाएं शुरू की जा रही हैं, लेकिन सिवनी के केंद्रीय विद्यालय में अब तक यह सुविधा शुरू नहीं हो पाई है। इससे अभिभावकों और छोटे बच्चों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
जानकारी के अनुसार, मध्यप्रदेश के कई जिलों में बाल वाटिका की व्यवस्था पहले ही लागू हो चुकी है, लेकिन सिवनी अभी भी इससे वंचित है। इस कारण अभिभावकों को अपने बच्चों को निजी स्कूलों में दाखिला दिलाना पड़ रहा है, जहां नर्सरी की फीस 25 से 30 हजार रुपये तक पहुंच जाती है।
अभिभावकों का कहना है कि यदि केंद्रीय विद्यालय में बाल वाटिका शुरू हो जाए, तो कम खर्च में बेहतर शिक्षा मिल सकती है। वहीं इस मुद्दे पर स्थानीय सांसद की भूमिका को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।
लोगों ने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से मांग की है कि जल्द से जल्द बाल वाटिका कक्षाएं शुरू की जाएं, ताकि बच्चों को नई शिक्षा नीति का लाभ मिल सके।





