मुंगवानी (सिवनी):
नगर मुख्यालय से लगभग 12 किलोमीटर दूर अमरवाड़ा मार्ग स्थित प्रसिद्ध सिद्ध हनुमान मंदिर, मुंगवानी में इस वर्ष हनुमान जन्मोत्सव एक अद्भुत और अलौकिक घटना का साक्षी बना। पावन अवसर पर आयोजित हवन-पूजन के दौरान श्रद्धालुओं को हवन कुंड की प्रज्वलित अग्नि में बाल हनुमान के दिव्य स्वरूप के दर्शन हुए। इस दृश्य ने वहां उपस्थित भक्तों को भाव-विभोर कर दिया और पूरा मंदिर परिसर ‘जय बजरंगबली’ के जयघोष से गूंज उठा।
पंडित हरिप्रसाद मिश्रा के सानिध्य में हुआ पूजन
उत्सव के सभी धार्मिक अनुष्ठान सिंघौड़ी निवासी विद्वान पंडित श्री हरिप्रसाद मिश्रा के आचार्यत्व में विधि-विधान से संपन्न हुए। भगवान का जलाभिषेक दूध, दही, घी और शहद से बने पंचामृत से किया गया। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच हुए इस पवित्र अनुष्ठान और विशेष श्रृंगार के दर्शन के लिए सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी।
हवन के दौरान दिखी अलौकिक झलक
दोपहर में आयोजित विशेष हवन के दौरान जैसे ही पूर्णाहुति दी गई, अग्नि की लपटों में बाल रूप में हनुमान जी की आकृति उभरती दिखाई दी। श्रद्धालुओं ने इसे साक्षात प्रभु की उपस्थिति का संकेत मानते हुए इस दिव्य क्षण को अपने हृदय में संजो लिया। इस अद्भुत घटना की चर्चा अब पूरे क्षेत्र में श्रद्धा और आस्था के साथ हो रही है।
भव्य भंडारे के साथ हुआ समापन
पूजन और आरती के पश्चात विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें मुंगवानी सहित आसपास के गांवों से आए हजारों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। मंदिर समिति और स्थानीय ग्रामीणों के सहयोग से यह आयोजन भव्य और सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
श्रद्धालुओं का मानना है कि इस तरह के दिव्य दर्शन उनकी आस्था को और अधिक मजबूत करते हैं और उन्हें आध्यात्मिक ऊर्जा से भर देते हैं।





