सिवनी (मध्य प्रदेश): सिवनी ब्लॉक की ग्राम पंचायत कातलबोड़ी में सरकारी ट्यूबवेल को लेकर चल रहे विवाद में नया मोड़ आ गया है। पंचायत के कई निवासियों ने जनपद सदस्य के पति परमू सनोडिया को पाक-साफ बताते हुए सरपंच द्वारा लगाए गए आरोपों को निराधार बताया है।
ज्ञात हो कि हाल ही में कातलबोड़ी के सरपंच संतराम सनोदिया ने परमू सनोडिया पर सरकारी ट्यूबवेल का निजी उपयोग करने का आरोप लगाया था। लेकिन अब ग्रामवासियों के एक समूह द्वारा तैयार किए गए पंचनामा में यह स्पष्ट किया गया है कि उक्त ट्यूबवेल का उपयोग पूरे मोहल्ले के लोग पीने के पानी, पशुओं और पौधों की सिंचाई के लिए कर रहे हैं।
पंचनामा में शामिल ग्रामीणों के हस्ताक्षर के साथ यह भी उल्लेख किया गया है कि ट्यूबवेल सार्वजनिक उपयोग में है और किसी एक व्यक्ति द्वारा निजी तौर पर इसका उपयोग नहीं किया जा रहा।
इस मामले में जब परमू सनोडिया से चर्चा की गई, तो उन्होंने बताया कि उनके पास कृषि कार्य के लिए निजी सिंचाई के पर्याप्त साधन उपलब्ध हैं। उन्होंने कहा कि ट्यूबवेल में लगी डेढ़ एचपी की मोटर का उपयोग केवल सार्वजनिक हित में किया जाता है।
परमू ने आरोप लगाया कि सरपंच संतराम सनोदिया ने बदले की भावना से उनकी छवि खराब करने के लिए झूठे आरोप लगाए हैं। उन्होंने बताया कि कुछ समय पहले उन्होंने सरपंच द्वारा कराए गए तालाब निर्माण कार्य में अनियमितताओं की शिकायत की थी, जिसे जांच में सही पाया गया था। इस संबंध में इंजीनियर द्वारा कार्य को तकनीकी मानकों के अनुसार सुधारने के निर्देश भी दिए गए थे।
परमू सनोडिया के अनुसार, सरपंच उन पर समझौते का दबाव बना रहे थे, लेकिन उन्होंने इसका विरोध किया। इसके बाद ही उन पर आरोप लगाए गए।
बताया जा रहा है कि 11 अप्रैल 2026 को पीएचई विभाग की टीम ने ट्यूबवेल स्थल का निरीक्षण भी किया, जहां पंचनामा तैयार किया गया।
अब इस पूरे मामले में प्रशासनिक जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा कि सच्चाई क्या है, लेकिन फिलहाल गांव में इस मुद्दे को लेकर दो पक्षों के बीच तनाव की स्थिति बनी हुई है।






