सिवनी नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत के साथ ही नकली किताबों के कारोबार ने एक बार फिर चिंता बढ़ा दी है। राजधानी भोपाल में हुई छापेमारी में फर्जी एनसीईआरटी किताबों का बड़ा मामला सामने आया है, जिसके तार सिवनी से भी जुड़े होने की आशंका जताई जा रही है।
फ्रीलांसर जर्नलिस्ट जितेंद्र सिंह को प्राप्त जानकारी के अनुसार, भोपाल के एमपी नगर क्षेत्र में प्रशासन ने एक प्रमुख पुस्तक दुकान पर कार्रवाई करते हुए भारी मात्रा में संदिग्ध किताबें जब्त की हैं। ये किताबें असली के नाम पर बाजार में ऊंचे दामों पर बेची जा रही थीं।
यह कार्रवाई एसडीएम एल.के. खरे के नेतृत्व में की गई। टीम ने दुकान के भीतर और बाहर लगे स्टॉल से बड़ी संख्या में किताबें बरामद कीं। इन किताबों पर एक प्रकाशन का लेबल लगा था, जिसे अधिकारी संदिग्ध मान रहे हैं।
जांच में सामने आया कि कक्षा 1 से 12 तक के विभिन्न विषयों—हिंदी, गणित, विज्ञान, सामाजिक विज्ञान और संस्कृत—की नकली प्रतियां बेची जा रही थीं। इतना ही नहीं, कुछ निजी प्रकाशकों की किताबें भी संदिग्ध पाई गईं।
सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि ये किताबें देखने में बिल्कुल असली जैसी थीं, जिससे अभिभावकों के लिए असली और नकली में फर्क करना बेहद मुश्किल हो रहा था। मौके पर एक सेल्समैन को इन किताबों को बाजार मूल्य से चार गुना अधिक कीमत पर बेचते हुए पकड़ा गया।
प्रशासन ने इस पूरे मामले की रिपोर्ट भोपाल कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह को सौंप दी है और सख्त कार्रवाई की सिफारिश की है। साथ ही सप्लाई चेन की जांच भी शुरू कर दी गई है।
सूत्रों के मुताबिक, इस फर्जी किताबों के नेटवर्क के तार सिवनी तक जुड़े हो सकते हैं, जिससे जिले में भी सतर्कता की जरूरत बढ़ गई है।
छापेमारी के दौरान दुकान में सुरक्षा व्यवस्था भी कमजोर पाई गई। भीड़ के बावजूद पर्याप्त अग्निशमन इंतजाम नहीं थे, जिसे अधिकारियों ने गंभीर लापरवाही माना है।





