सिवनी जिले के छिंदवाड़ा रोड स्थित मरझौर शिवनगर में आयोजित संगीतमय श्रीमद्भागवत महापुराण कथा में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। 09 अप्रैल से शुरू हुआ यह सात दिवसीय धार्मिक आयोजन 16 अप्रैल तक प्रतिदिन दोपहर 02 बजे से शाम 06 बजे तक आयोजित किया जा रहा है। समापन के दिन हवन-पूजन, पूर्णाहुति, विसर्जन एवं महाप्रसाद वितरण किया जाएगा।
कथा के पांचवें दिन सोमवार को कथा व्यास पंडित राजकुमार तिवारी जी ने भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं का भावपूर्ण वर्णन किया। उन्होंने बताया कि सच्चा धनवान वही है, जो तन, मन और धन से सेवा एवं भक्ति करता है। सच्चे प्रेम के माध्यम से ही परमात्मा की प्राप्ति संभव है।
उन्होंने श्रीकृष्ण जन्म के बाद की घटनाओं का वर्णन करते हुए बताया कि कंस ने बालकृष्ण का वध करने के लिए राक्षसी पूतना को भेजा था। पूतना ने विषैला दूध पिलाने का प्रयास किया, लेकिन भगवान श्रीकृष्ण ने उसका अंत कर दिया।
कथा में गोवर्धन लीला का भी सुंदर वर्णन किया गया। ब्रजवासियों द्वारा इंद्र भगवान की पूजा की तैयारी के दौरान श्रीकृष्ण ने उन्हें गोवर्धन पर्वत की पूजा के लिए प्रेरित किया। इससे क्रोधित होकर इंद्र ने भारी वर्षा की, लेकिन श्रीकृष्ण ने अपनी कनिष्ठा अंगुली पर गोवर्धन पर्वत उठाकर सभी की रक्षा की। अंततः इंद्र को हार माननी पड़ी।
इस अवसर पर भगवान को छप्पन भोग अर्पित किया गया और पंडाल में जयकारों की गूंज सुनाई दी।
आयोजक चंदेल परिवार ने बताया कि यह आयोजन भगवान भोलेनाथ एवं पूर्वजों के आशीर्वाद से किया जा रहा है। उन्होंने श्रद्धालुओं से अधिक संख्या में पहुंचकर धर्म लाभ लेने की अपील की।
📅 कथा की जानकारी:
- आयोजन: 09 अप्रैल से 16 अप्रैल तक
- समय: दोपहर 02 बजे से शाम 06 बजे तक
- समापन (16 अप्रैल): हवन-पूजन, पूर्णाहुति, विसर्जन और महाप्रसाद वितरण
📖 पांचवें दिन की खास झलक
- कथा व्यास पंडित राजकुमार तिवारी जी ने श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं का भावपूर्ण वर्णन किया
- श्रद्धालु कथा सुनकर भावविभोर नजर आए
✨ कथा का संदेश:
- सच्चा धनवान वही, जो तन-मन-धन से सेवा और भक्ति करे
- सच्चे प्रेम से ही परमात्मा की प्राप्ति संभव
🧒 मुख्य धार्मिक प्रसंग
- पूतना वध:
- कंस ने बालकृष्ण को मारने के लिए पूतना को भेजा
- विषैला दूध पिलाने का प्रयास किया गया
- भगवान श्रीकृष्ण ने पूतना का अंत किया
- गोवर्धन लीला:
- श्रीकृष्ण ने ब्रजवासियों को गोवर्धन पूजा के लिए प्रेरित किया
- इंद्र ने क्रोधित होकर भारी वर्षा की
- श्रीकृष्ण ने अपनी उंगली पर गोवर्धन पर्वत उठाकर सभी की रक्षा की
🙏 भक्ति का माहौल
- भगवान को छप्पन भोग अर्पित किया गया
- पूरे पंडाल में जयकारों की गूंज
- श्रद्धालुओं में भारी उत्साह
👨👩👧 आयोजन की विशेष बात
- आयोजन चंदेल परिवार द्वारा किया जा रहा है
- भगवान भोलेनाथ एवं पूर्वजों के आशीर्वाद से आयोजन संपन्न
- सभी श्रद्धालुओं से अधिक संख्या में पहुंचने की अपील
👉 स्थानीय लोगों से अपील की गई है कि अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर इस धार्मिक आयोजन का लाभ लें।


