एक किलोमीटर लंबी लाइन लगी वेयर हाउस मे
गलती खरीदी केन्द्र प्रभारियों की ओर सरकार को कर रहे हैं बदनाम हो रही सरकार
सिवनी इन दिनों गेहूं खरीदी केंद्रों में सर्वेयर और खरीदी केंद्र प्रभारी की कार्यप्रणाली से किसान बेहद परेशान है। कही गेहूं को फेल करने का खेला तो कही खरीदी केंद्रो में हमालो का रोना। हमालो की संख्या इतनी कम हैं कि वेयर हाउस के चारों ओर गेहूं फैला दिखाई देता है। ज्ञात है कि हमालों को उनके काम के बदले उचित मजदूरी नहीं मिल रही है। जिसके कारण हमाल काम छोड़कर भाग रहे है। ओर जो सोसायटी ज्यादा रेट दे रही है उनके पास हमालों की कोई कमी नहीं है। केंद्र प्रभारियों तथा वेयर हाउस संचालक की कार्यप्रणाली के कारण केंद्रों पर ट्रैक्टरों की लंबी कतार लगी हुई है।किसानों को केंद्र प्रभारियों की करनी का फल भोगना पड़ रहा है। दिनांक 30/04/2026को नरेला कैंप में 1बजे तक खरीदी प्रारंभ नहीं हो पाई थी। सर्वेयर ने बताया कि खराब मौसम के कारण खरीदी बंद हे पानी गिर जाए तो गेहूं को कैसे ढकेंगे। धर्मकाटा से तोल तो प्रारंभ कर दी गई है परन्तु कुछ वेयर हाउस में बिछाने के लिए फट्टी नहीं हैं, तो कुछ वेयर हाउस में गेहूं नीचे रखने की जगह ही नहीं है यदि किसी किसान को जल्दी हो तो अपना खुद का तिरपाल बिछाओ ओर गेहूं ट्राली से खाली। करो वाली प्रणाली चल रही है किसान को एक ट्राली गेहूं बेचने में तीन से चार दिन लग रहे हे भयंकर तेज लू और गर्मी में किसान को अपनी बारी आने का इंतजार करते रात हो जाती है पता चला कि गेट ही बंद हो गए। किसानों ने खरीदी में जिम्मेदार अधिकारियों को सलाह दी है कि किसानों के लिए सायलो बैग चालू कराए जाए। तभी समस्या को काबू में लाया जा सकता है। या फिर खरीदी केंद्रों में प्रतिदिन कम से कम साठ ट्रैक्टर तुलाई करने आदेश जारी किए जाए । जिला प्रशासन यदि किसानों का हित चाहती हैं तो तुरंत खरीदी केंद्रों में चल रही अव्यवस्था का जायजा लेकर उचित कदम उठाए। अन्यथा सरकार को बदनाम करने में केंद्र प्रभारी कोई कसर नही छोड़ना चाह रहे है। किसानों का कहना है कि जितनी परेशानी गेहूं पैदा में नहीं होती उससे कई गुना गेहूं बेचने में उठाना पड़ रही है। बेहद गर्मी में लू वाली भरी दोपहरी में अधिकारी मैदान पर पूरा दिन व्यतीत करके देखे तो उसे समझ आए कि किसान कैसे जिंदगी जी रहे हैं किसानों पर आ रही गेहूं बेचने की परेशानी को तुरंत हल नहीं किया गया तो सीजन में आधे किसान ही गेहूं बेच पाएंगे। जिला प्रशासन से अपेक्षा है कि समस्या को हल करने के लिए प्रतिदिन पचास साठ ट्रैक्टर की तुलाई करने का आदेश जारी करे। जिला प्रशासन से किसानों की यही अपेक्षा है कि उसे ओर कुछ नहीं चाहिए। अनेक किसानों ने कलेक्टर महोदया से निवेदन किया है कि खरीदी केंद्रों का निरीक्षण करें। ओर जिम्मेदारों पर कार्यवाही करें तभी समस्या का समाधान हो सकेगा



