सिवनी (मध्य प्रदेश): मध्य प्रदेश में सहकारिता क्षेत्र के कर्मचारियों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ आंदोलन का ऐलान कर दिया है। म.प्र. सहकारिता समिति कर्मचारी महासंघ की जिला इकाई सिवनी ने मुख्यमंत्री और सहकारिता मंत्री के नाम ज्ञापन सौंपते हुए चेतावनी दी है कि यदि 25 मार्च 2026 तक उनकी मांगों का समाधान नहीं किया गया, तो 1 अप्रैल 2026 से प्रदेशव्यापी अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू की जाएगी।
महासंघ के जिलाध्यक्ष बंशीलाल ठाकुर के अनुसार, 22 सितंबर 2025 को विभागीय अधिकारियों के साथ बैठक में कई मांगों पर सहमति बनी थी, लेकिन अब तक उन पर अमल नहीं किया गया है। इससे कर्मचारियों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।
📌 प्रमुख मांगें
कर्मचारियों ने अपनी मांगों में कई महत्वपूर्ण मुद्दे उठाए हैं:
- वेतन वृद्धि: पैक्स (PACS) कर्मचारियों को अक्टूबर 2023 से कलेक्टर दर के अनुसार बढ़ा हुआ वेतन और नियमित मासिक भुगतान दिया जाए।
- बकाया भुगतान: 34 जिलों के विक्रेताओं का पिछले 18 महीनों का ₹54,000 बकाया तुरंत दिया जाए।
- पदोन्नति: सहायक प्रबंधकों को समय-सीमा में समिति प्रबंधक के समकक्ष पद पर पदोन्नति दी जाए।
- परिवीक्षा समाप्ति: कनिष्ठ विक्रेताओं की परिवीक्षा अवधि समाप्त कर उन्हें पूर्ण विक्रेता का दर्जा दिया जाए।
⚠️ हड़ताल का संभावित असर
यदि यह हड़ताल होती है, तो इसका व्यापक असर प्रदेशभर में देखने को मिलेगा।
- 4,523 पैक्स संस्थाएं बंद हो सकती हैं
- 22,500 उचित मूल्य की दुकानों पर काम ठप हो जाएगा
- लगभग 55,000 कर्मचारी (प्रबंधक, लेखापाल, ऑपरेटर, विक्रेता, चौकीदार) हड़ताल में शामिल होंगे
इसके कारण:
- खाद-बीज वितरण और कृषि ऋण सेवाएं प्रभावित होंगी
- समर्थन मूल्य पर फसलों की खरीदी और कर्ज वसूली रुक सकती है
- राशन दुकानों से खाद्यान्न वितरण बाधित होगा
महासंघ ने स्पष्ट किया है कि मांगें पूरी न होने पर कर्मचारी जिला स्तर पर धरना देकर टेंट लगाकर बैठेंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन की होगी।


