सिवनी में गरमाया नागपुर रोड की ऐतिहासिक सड़क बंद करने का मामला,
कांग्रेस भाजपा कार्यकर्ता एवं स्थानीय नागरिक आज सड़क पर पुलिस भी पहुंची मौके पर फ्रीलांसर जर्नलिस्ट जितेन्द्र सिंह सिवनी की ग्राउंड जीरो से विशेष रिपोर्ट)
- सिवनी शहर के छिंदवाड़ा चौक से नागपुर रोड जाने वाली ऐतिहासिक सर्विस रोड को बंद करने का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। बीते दिनों विद्वान अधिवक्ता नवीन आहूजा ने इस जनविरोधी निर्णय के खिलाफ आवाज उठाई थी, और उनके द्वारा उठाए गए मुद्दे के बाद आज पूरा मामला गर्मा गया है। आज सैकड़ों की संख्या में कांग्रेस भाजपा कार्यकर्ता एवं स्थानीय नागरिक, गरीब, बुजुर्ग, महिलाएं, बैलगाड़ी वाले हाथ रिक्शा, हाथ ठेले वाले और व्यापारी सड़क पर उतर आए । इस सड़क को तुरंत प्रारंभ करने की मांग को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। सड़क पर खड़े होकर प्रशासन की इस मनमानी के खिलाफ दोनों दलों के कार्यकर्ता जनता का पक्ष रख रहे हैं। पीछे जाम लगा हुआ है, सैकड़ों गाड़ियां फंसी हुई हैं, और पुलिस भी मौके पर पहुंच गई है। कांग्रेस के राजा बघेल ने कहा की - ये सर्विस रोड जो है नीचे की बिना किसी को जानकारी दिए बंद कर दी गई है। DRM से बात करने पर DRM कहते हैं कि रोड बंद नहीं होगी, MPRDC कहते हैं हम भी बंद नहीं कर रहे हैं और रोड वास्तव में बंद है। गरीबों बुजरुग ,बीमारू, महिला,पुरुषों, विधवाओं, , बैलगाड़ी वालों , हाथ ठेले वाले को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है । बिना सोच समझे इस नीचे वाली रोड को बंद करना गलत फैसला है।इसके विरोध में आज सभी के साथ स्थानीय नागरिक जमा हुए । कांग्रेश नेता राजा बघेल ने कहा कि रेलवे कह रहा है हमने सड़क बंद नहीं की, MPRDC कह रहा है हमनेसड़क बंद नहीं की, जबकि वास्तव में जमीन पर सड़क बंद पड़ी है। तो फिर बंद किसने की? यह सवाल आज हर सिवनी वासी पूछ रहा है। राजा बघेल ने आगे कहा-यह फ्लाई ओवर सिवनी के विकास के लिए बना है, विनाश के लिए नहीं। ऊपर फ्लाई ओवर से बड़े वाहन, ट्रक, बसें निकलेंगी, यह अच्छी बात है। लेकिन नीचे की जो ऐतिहासिक सड़क है, वह 100 साल पुरानी है। वह आम आदमी की लाइफ लाइन है। उसको बंद करना सीधे-सीधे गरीब विरोधी कदम है। उन्होंने आगे कहा कि इस सड़क से रोज सब्जी बेचने वाली महिलाएं पुरुष आते जाते हैं। बीमार बुजुर्ग पैदल चलकर अस्पताल आते जाते हैं। बैलगाड़ी वाले किसान अपना अनाज मंडी ले जाते हैं। छोटे-छोटे स्कूली बच्चे साइकिल से स्कूल जाते हैं। अब आप उनको कह रहे हो कि 40 फीट ऊंची लोहे की सीढ़ियां चढ़ो, फिर फ्लाई ओवर पार करो, फिर उतरो। क्या एक बूढ़ी अम्मा, एक दिव्यांग, एक गर्भवती महिला इतनी सीढ़ी चढ़ पाएगी? यह अमानवीय है। - स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि -बिना नोटिस, बिना जनसुनवाई के रातों-रात बैरिकेड लगाकर सड़क बंद कर दी गई। जब लोग DRM नागपुर से मिले तो DRM ने कहा कि रेलवे को इस सड़क से कोई लेना-देना नहीं है, हम बंद नहीं कर रहे। जब MPRDC के अफसरों से बात की तो वे भी पल्ला झाड़ रहे हैं। तो फिर जनता को परेशान कौन कर रहा है? ठेकेदार अपनी मनमर्जी से सड़क बंद कर रहा है और प्रशासन मौन है। यह सड़क बंद होने से उस पार जाने वाले लोगों से संपर्क टूट जाएगा। लोगों को 3 किलोमीटर का चक्कर लगाकर आना पड़ेगा, जिससे पेट्रोल, समय दोनों बर्बाद होगा। व्यापारियों का कहना है कि ग्राहक आना बंद हो गए हैं, दुकानदारी ठप हो गई है। आपात स्थिति में एंबुलेंस तक इस सड़क से नहीं आ पाएगी। यदि प्रशासन ने 48 घंटे में सड़क नहीं खोली तो नागरिकों ने कलेक्टर कार्यालय का घेराव और हाईकोर्ट में जनहित याचिका लगाने की चेतावनी दी है। यह लड़ाई अब सिर्फ एक सड़क की नहीं, बल्कि सिवनी के स्वाभिमान और गरीब आदमी के हक की लड़ाई बन गई है। (फ्रीलांसर जर्नलिस्ट जितेन्द्र सिंह की आंखों देखी रिपोर्ट)








































































































































